Mindset Guide for Every New Entrepreneur in Hindi

हेय दोस्तों, इंटरप्रेन्योर क्या है आप जानते हैं आज में आपको मोटिवेट करने वाला हूँ इंटरप्रेन्योर बनने के लिए।

लेकिन में सिर्फ आपकी दिमागी शमता को मोटीवेट करने वाला हूँ। इसका मतलब है कि अगर आप इंटरप्रेन्योर बन रहे हैं, तो आपका दिमाग किस तरह से सोच रखने वाला होना चाहिए।

आजका आर्टिकल बोहत ही ज्यादा इंटरेस्टिंग होने वाला है। और आज आप इंटरप्रेन्योर के दिमाग के कुछ ऐसे पेहेलु के बारे में जानेंगे जो सायद ही आपको पता होगा।

आपको पता होगा की हमारे दिमाग में लाखो नियोरंस होते हैं, हमारे दिमाग बोहत पावरफुल है जो हमे कई बार अपने पॉवर से चकित भी कर देता है।

दिमाग की शमता जिसे ब्रेन रूल कहा जाता है उसके विषय में सिखने के लिए बोहत कुछ है लेकिन हमारा विषय इंटरप्रेन्योर के लिए है इस लिए हम यह सीखेंगे की एक इंटरप्रेन्योर का दिमाग कैसा होता है ।

आज हम क्या सीखेंगे ।

  • हर रोज अपडेट रहे 
  • खुद को चुनौतीपूर्ण परिस्तिथियों में रखे 
  • असफलता विकाश का हिस्सा है  
  • मूल्य प्रदान पर ध्यान दे 
  • अपने बिज़नेस के निर्माण के लिए नेटवर्किंग का उपयोग करे 
  • अपने लक्ष्य को याद करते रहे 
  • पैसे कमाने के लिए आपको skills की आवश्यकता होगी 

1. हर रोज अपडेट रहे :

दिमाग हमारे जीवन के हर पल को याद रखता है, लेकिन तब तक जब तक हम उस चीज़ को दोबारा से याद करते रहे । अगर हम ऐसा नहीं करते तो हमारा दिमाग कुछ समय बाद उन यादो को डिलीट कर देता है ।

हर एक दिन कुछ नया पढ़े, अपने बिज़नस के रिलेटेड या फिर कोई भी अछि किताब जिसमे आपको कुछ नया सिखने को मिले ।

एक ब्लॉगर और इंटरप्रेन्योर के एक समानता यह है की उनकी learning नॉनस्टॉप चालू रेहती है । उन्हें हर रोज अपने आपको educate करते रहना पड़ता है ।

जैसा हम जानते है हमारे दिमाग में 100% शमता होती है लेकिन एक साधारण मनुष्य अपने पुरे जीवन काल में सिर्फ 3% से 4% प्रतिसत दिमाग का उपयोग कर पाता है

और एक इंटरप्रेन्योर को बोहत यूनिक होना पड़ता है और इसके लिए उसको रोजाना किताबे या कोर्स, सेमिनार ज्वाइन करने होंगे जिससे वह day बाय day अपडेट रहे और सफलता हासिल कर पाए ।

कभी ऐसे व्यक्ति के साथ मत दोड़येगा जो धीरे चलता हो, क्यूंकि दुनिया बोहत तेज़ चल रही है और अगर आप धीरे चले तो दुनिया आपको कुचल कर आगे निकल जाएगी ।

2. खुद को चुनौतीपूर्ण परिस्तिथियों में रखे :

इसका अर्थ है आपको जानमुजकर किसी मुश्केली में नहीं पड़ना है आपको चुनौती लेने का हुनर ​​सीखना होगा।

शब्दों का  भावार्थ समझये, आप एक बिज़नस शुरू करते हैं उसमे 30 से 40 हज़ार का खर्चा है और उस बिज़नस को बिल्ड करने के लिए आपको इतना इन्वेस्ट करना होगा।

यहाँ पर चुनौती यह की आपकी फाइनेंसियल समस्या पहले से काफी कम है और अगर आप यह बिज़नस शुरू करते है और वह असफल होता है तो आपकी फाइनेंसियल समस्या और बिगड़ सकती है।

लेकिन इसके दूसरे और वह बिज़नस सफल हो जाते है तो आप फिनान्सिली इंडिपेंडेंट हो जायेंगे और आपकी सारी मेहनत वसूल हो जाएगी।

एक इंटरप्रेन्योर को यही समस्या में आगे बढ़ते रहना पड़ता है, ऐसे कई मुश्केली आपका रास्ता रोकेगी लेकिन आपका विज़न क्लियर होगा तो आप आगे बड़ते रहेंगे।

3. असफलता विकाश का हिस्सा है :

वह जीवन ही क्या जिसमें आप असफलता ना देखो, वह जीवन ही क्या जिसमें आप सफलता न हासिल करो, वह जीवन ही क्या जिसमें आप रिस्क न लो, एक्शन ना लो, रात रात भर स्ट्रेटरीज ना बनाओ

हमेशा नोटिस करना जो सफल लोग मेहनत करके और असफलताओ से लड़ कर सफल हुए हैं उन्हें कभी अहंकार नहीं होता।

इसका कारण है उन्होंने जो असफलता देखि है उसे वही समझ सकते है और कोई नहीं ।

इन्सान को कभी भी उसका अतीथ और औकात नहीं भुलना चाहिए, जिस दिन उसके पैर जमीन छोड़ंगे  साथ सफलता भी उससे दूर हो जाएगी। (और यह बात सफल लोग अच्छे से समझते है)

इंटरप्रेन्योर के सफ़र में बस यह मान कर चलना की असफलता मेरे सफल होने का संकेत है

4. मूल्य प्रदान पर ध्यान दे :

इंटरप्रेन्योर का सही अर्थ है लोगो की प्रॉब्लम सोल्व करना या फिर लोगो को अच्छी सर्विस देना। जब तक दिमाग में यह क्लियर नहीं होगा की आप उस काम को क्यों करना चाहते हो तब तक आप उस तरह से एक्शन नहीं ले पाओगे। 

सबसे पहले दिमाग में क्लियर करे 'why', क्यों आप उस बिज़नेस को करना चाहते हो। (सिर्फ यह मतलब नहीं होना चाहिए की आप सिर्फ लोगो को हेल्प के माध्यम से बिज़नेस शुरू करो) बिज़नेस का एक मोटो और लोगो का भरोसा जुड़ पाना ज्यादा जरुरी है। 

Why के बाद आपका अगला कदम होगा 'how', कैसे होगा। अगर आपको हर बिज़नेस से हटकर कुछ करना है तो आपको मार्किट में लोगो की सही प्रॉब्लम समझना होगा, जैसे मार्किट में लोग यूट्यूब ऑटोमेशन सीखना चाहते है वह भी हिंदी में तो आप यूट्यूब ऑटोमेशन हिंदी में कोर्स लांच कर सकते हो। 

अगर आपको मार्किट में जो चीज़े चल रही हो और वही बिज़नेस शुरू करना हो, तो आप अपने कॉम्पिटिटर से अच्छी सर्विस अपने बिज़नेस में रखे। 

जैसे लोगो को सर्विस पसंद ना आने पर आप रिफंड पालिसी रख सकते है और उसे और बेहतर बनाने के लिए रिफंड में कुछ एक्स्ट्रा चीज़े भी दे सकते है। 

यह सारे तरीके आपको बिज़नेस को स्ट्रांग बनाने के काम आएंगे तो इसे थोड़ा अच्छे से समझले। 

5. अपने बिज़नेस के निर्माण के लिए नेटवर्किंग का उपयोग करे :

इंटरप्रेन्योर का दिमाग यह जानता है उसे सबसे ज्यादा कस्टमर नेटवर्क के जरिए मिलेंगे, वह कैसे होगा ?

कोसिस करे बिज़नेस में लोगो का ट्रस्ट जितनेमें। जब आप किसी व्यक्ति को अच्छी सर्विस देते है तो भले वह आपका प्रोडक्ट ना खरीद पाए लेकिन वह एक व्यक्ति अन्य लोगो में आपकी सर्विस की बाते करता है। 

जिससे आपके बिज़नेस का फ्री में प्रचार होता है और एक व्यक्ति के प्रचार से अन्य लोग आपसे सर्विस लेने आते है। तो यहाँ यह बात लागु होती है 'फर्स्ट इम्प्रैशन इस लास्ट इम्प्रैशन।'

सोशल मीडिया के युग में एक इंटरप्रेन्योर को सोशल मीडिया पर अकॉउंट होना बोहत जरुरी है, जिससे गूगल भी हमारे बिज़नेस को समझ पाए और कस्टमर हमसे कनेक्ट रहे। 

हो सके तब तक सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहे। 

6. अपने लक्ष्य को याद करते रहे :

जैसा मेने पहले कहा अगर हम पुरानी यादो को याद ना करे तो दिमाग उन यादो को डिलीट कर देता है। 

हम सब अनुभव करते है जो चीज़े 10 साल पहले हमने अनुभव की होती है वही अनुभव 10 साल बाद बदल जाती है, जैसे उस याद में पहले जैसा स्वाद ना रहा हो। 

यह बात सच है हमारा दिमाग हर पल को याद रखता है लेकिन तब तक जब तक हम उसे दोबारा से याद करते रहे। या तो फिर हमे वह यादे व्यक्ति के नाम से या व्यक्ति को देख कर यादे फिरसे आती है। 

इतनी बातो को समझाने का मतलब हुआ आपको अपने लक्ष्य को याद करते रहना होगा। जब भी गिव उप करने का मन करे तब सिर्फ एक बार अपने लक्ष्य को याद करले। 

अपने लक्ष्य को याद करते रहने का एक बड़ा फायदा है की आप रास्ता नहीं भटकते। आप कभी गलत कामो में नहीं फसते। 

7. पैसे कमाने के लिए आपको skills की आवश्यकता होगी :

कोन कोन यह सोचता है पैसो से पैसे कमाए जा सकते है ?

यह एक poor मिंडसेट है। जो लोग सोचते है हमें पैसे कमाने के लिए पैसे चाहिए तो वह कभी इस बात को सच कर ही नहीं पाता। दूसरे तरीके से समझे तो,

पैसे से पैसे कमाए जाते है, यह बात तब सच होगी जब आप पहले से educated हो या फिर आपने किसी स्किल में मास्टरी करली हो। तो इसके दूसरी तरफ आप स्किल से पैसे कमाते हो। 

हमेसा 6 से 2 साल स्किल को डेवेलोप करने में समय देना चाहिए बिना स्किल में मास्टरी किये बगैर किसी बिज़नेस को ना शुरू करे। 

इसमे नुकशान यह होगा जितना समय आपको सिखने में लगता उससे ज्यादा समय बिज़नेस शुरू होने के बाद लगेगा। कभी भी बिना स्किल को डेवेलोप किये बिज़नेस की दुनिया में पैर ना रखे। क्यूंकि बिज़नेस में लाखो कमाने है जो बेसिक लेवल की माहिती से मुमकिन नहीं है। 

तो दोस्तों यह था एक इंटरप्रेन्योर का माइंडसेट। हर इंटरप्रेन्योर को यह सारे पॉइंट याद रखने होंगे जिससे वह एक बड़ा बिज़नेस बिल्ड कर पाए। 

ऐसे ही इंटरप्रेन्योर की रणनीति सिखने के लिए हमारे ब्लॉग को ईमेल द्वारा सब्सक्राइब करे। में मिलूंगा आपसे अगले पोस्ट में तब तक के लिए टाटा बाई। 

आपका बहुमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद। 

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